सुर संग्राम 2 के बवाल का जिम्मेदार कौन ?

2011-12-20

सुर संग्राम 2 के बवाल का जिम्मेदार कौन ? कल रात पटना का गाँधी मैदान एक ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण धटना का गवाह बना जो आसानी से भुलाया नही जा सकता। "सुर संग्राम 2" का ग्राँड फ़िनाले अपने चरम पर था कि दर्शकों ने आगजनी शुरु कर दी। कुर्सीयाँ फ़ेकीं गईं, जलाई गईं, पुलिस ने लाठीचार्ज किया और ऐसे तमाम नजारे देखने को मिले जो कम से कम एक संगीत समारोह में तो दुर्भाग्यपूर्ण कहे ही जा सकते हैं। इस घटना के पीछे का कारण तो हर कोइ अपने हिसाब से बता रहा है, पर इस घटना ने किसी के उपर भी अच्छा प्रभाव नही छोड़ा है, ये बात तो पक्की है।

कई लोगों का मानना है कि इ घटना के जिम्मेदार खुद महुआ की संचालन समिति और राज्य सरकार है जिसे पिछ्ले साल भी ऐसे नज़ारे देखने को मिले थे पर उन्होनें उससे कोइ सीख नही ली। सवाल उठाये जा रहे हैं कि गाँधी मैदान में पर्याप्त इंतजाम क्यों नही किये गये थे ? आरोप लगाये जा रहे हैं कि हज़ारों की भीड़ पर काबू पाने के लिये सिर्फ़ गिने चुने पुलिसकर्मी लगाये गये थे। इसी बीच दर्शकों के लिये बनाये गये बाँस के अनेक मीनारों में से एक मीनार गिर पड़ा जिससे बहुत से छात्र घायल हो गये और वे गुस्से में हिंसक हो गये। सुनने में ये भी आया है कि कई दर्शक बिना पास के शो में जाना चाहते थे पर उन्हें एंट्री न मिलने की वजह से वे हिंसक हो गये। तो क्या राज्य सरकार ने इन स्थितियों के लिये तय्यारी नही की थी ? खासकर इतने बड़े आयोजनों में तो ऐसी परिस्थितियाँ तो हमेशा बनती हैं पर उपयुक्त तैयारी होने पर ये घटना टाली जा सकती थी।

भोजपुरी के एक वर्ग का तो ये भी मानना है कि यह बवाल सुर संग्राम में हो रहे अश्लीलता के खिलाफ़ किया गया। अगर ये बातें सही हैं तो फ़िर महुआ टी॰वी॰ के समिति का यह बयान कि यह सब एक सोची समझी रणनीति के तहत हुआ है, से भी मुकरा नहीं जा सकता। ऐसे में एक आम आदमी का इन विरोधियों से यही सवाल होगा कि अगर वे भोजपुरी को अश्लीलता से बचाने में जुटे हैं तो क्या उनका ये कदम उन्हें विजय की ओर ले जायेगा ? ग्यात हो कि इस शो में अतिथि के रूप में श्रीमति शारदा सिन्हा भी थीं, और अगर उन्हें इस शो में जाने से कोइ दिक्कत नहीं थी तो हम किस हक से ये विरोध कर रहे थे ? इस घटना से मुझे नहीं लगता कि भोजपुरी में अश्लीलता कम होगी, हाँ हमने अपने प्रदेश कि छवि ज़रुर धुमिल कर दी… वर्तमान में हो रहे आरोप प्रत्यारोप के बीच में तो लगता है कि मनोज तिवारी ने नीतीश कुमार से जो जाँच की अपील की है, उसपर गंभीरता से विचार करना चाहिये क्युँकि यह मसला सिर्फ़ एक चैनल के शो का नही है बल्कि अपने प्रदेश के छवि का है जो इस घटना के चलते शर्मसार हुई है।

Source : EDITORIAL

 

 

bhojpuriya cinema readers 5 comments posted (Showing 1 to 5)

jo hua so hua sur sangrame abb dobara sru kare

Posted by : sujeet at 07:23:20 on 2011-07-15

rassi jal gayil baki aithan na gayil....

Posted by : k.k.sharma at 01:52:06 on 2011-06-23

mai sujeet srivastava varanasi se mai gane likhne ka sauk rakhta hoo main chahta hoo aap mujhe koi aisa contect de jisse main gane ko share kar sako.

Posted by : sujeet at 16:48:46 on 2011-06-14 See_User_Profile

mai sujeet srivastava varanasi se mai gane likhne ka sauk rakhta hoo main chahta hoo aap mujhe koi aisa contect de jisse main gane ko share kar sako.

Posted by : sujeet at 16:48:46 on 2011-06-14 See_User_Profile

kya ? बहुत सही कहत बानी आप

Posted by : eeeeeeee at 20:28:10 on 2011-06-01

 

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