५० सालों में अपनी राह भटक चुका है भोजपुरी सिनेमा

2011-2-10

५० सालों में अपनी राह भटक चुका है भोजपुरी सिनेमा भोजपुरी सिनेमा के अब ५० साल होने को आ रहे हैं, पर आज भोजपुरी फिल्मो की स्थिति है उसे देखकर यही लगता है डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद, नाज़िर हुसैन, विश्वनाथ शाहाबादी जी के भोजपुरी सिनेमा के लिए जो सपने थे, वे आज कहीं खो से गए हैं। भोजपुरी को आगे ले जाने की वो ललक, वो कोशिश आज किसी में दिखाई नहीं दे रही है। कोशिश है तो सिर्फ १० का १०० बनाने की। और इसमे मजेदार बात यहाँ है कि यह १० अंत में १० भी नहीं रह पाते। कुछेक निर्माताओं को छोड़ कर सबकी वही हालत होती है, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से दुर्भाग्यपूर्ण विदाई। मानता हूँ आश्चर्यजनक बात है, किन्तु सत्य भी यही है। आज कि हमारी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री वहा इंडस्ट्री नहीं जिसकी नींव नाजिर हुसैन जी ने रखी थी, बिलकुल नहीं।

आज तो भोजपुरी सिनेमा के नाम पर ज्यादातर लोग भोजपुरिया लोगो से भद्दा मज़ाक कर रहे हैं। भोजपुरी फिल्म आज भारत से बाहर जा रहा है, पर सोचने वाली बात यहाँ है कि क्या हम भोजपुरी परिपेक्ष्य के लोग भोजपुरी फिल्म में सिंगापुर, बेंकोक आदि जगह देखने आते है ? नहीं, बिलकुल नहीं। अरे यह सब जगह देखनी होती तो क्या हिंदी फ़िल्में कम पड़ गयी हैं ? आप हमें ऐसा क्या दिखा देंगे जो हम हिंदी फिल्मो में नहीं देख सकते ? माफ़ करें पर ऐसे मनोरम दृश्य जो हिंदी फ़िल्में हमें दिखा देंगी, उसके आस पास भी आप फटक नहीं पायेंगे।

यही बात लागू होती है भोजपुरी एक्शन दृश्यों पर। हाई वोल्टेज एक्शन, भरपूर एक्शन, और पता नहीं क्या क्या एक्शन.. हर निर्माता हर निर्देशक बस यही बताता है कि फिल्म में एक्शन दृश्यों का भरपूर डोज़ मिलेगा। मेरा एक सवाल, क्या आपके फिल्मो के एक्शन दृश्य दबंग, वांटेड, गजिनी आदि हिंदी फिल्मो से बेहतर होता है ? और अब तो डब फिल्मो का ज़माना है, हमारे दर्शक तो अवतार, मैट्रिक्स और तमाम अंग्रेजी फिल्में हिंदी में देख रहे है। तो क्या आप इनके मापदंड पर खरा उतर सकेंगे ? यहाँ जरुरी बात यह है की भोजपुरी फिल्मे आम फिल्मो से काफी जुदा होती हैं, भोजपुरी फिल्म कोई तमिल तेलुगु फिल्म नहीं की एक्शन के तड़के के बिना काम ही ना चले।

सुना था कि जब "गंगा मय्या तोहे पियरी चढैबो" के गाने शुरू में बजा करते थे तो हर श्रोता उन गानों के भावनाओं से जुड़ जाता था। गानों के शब्द में इतनी ताकत हुआ करती थी कि आदमी के आखो से आसूं भी निकल आते थे। पहले यहाँ बातें सुन के तो मुझे भी यकीन नहीं हुआ पर जब मैंने यह गाने खुद सुने तो लगा कि नहीं, यहाँ बातें सच है, बिलकुल सच। नाजिर हुसैन साहब, शाहाबादी जी जैसे लोग जुनूनी थे, इन्हें पैसे नहीं कमाने थे, इन्हें पहचान कायन करनी थी, अपनी, आपकी और हम सब भोजपुरिया लोगों की। पर दुखद बात यह है कि उनकी इन कोशिशों को हम नकार चुके हैं।

सच्चाई तो यह है कि हमें पता ही नहीं है हमें क्या बनाना है(यहाँ हम पैसे बनाने की बात नहीं करेंगे), कथा-पटकथा कामचलाऊ, गाने चोरी किये हुए, दो आयटम डांसर और द्विअर्थी शब्द। इन सबको मिला दीजिये, कुछ ना कुछ तो बन ही जाएगा। पटकथा जो फिल्म की जान होती है, उसपर तो कोई मेहनत करने को तैयार ही नहीं है। आजकल फिल्म की जान तो आयटम डांसर हो गयी है, पटकथा फायनल हो या ना हो, फिल्म में आयटम सांग की संख्या और आयटम डांसर जरुर फायनल रहती हैं।

वर्तमान भोजपुरी फिल्मो के संगीत के बारे में बात करने का शायद ही कोई तुक बनता है। इसका कारण भी साफ़ है - संगीतकार वो होता है जो श्रोताओं को ऐसी धुनें देता है जो नई हों, जिसमे नयापन हो, और यह आप भी जानते हैं और मैं भी जानता हूँ की हमारे भोजपुरी फिल्मो के संगीत में कितना नयापन है। कोई इक ऐसी धुन नहीं बन रही है आज जो अपने श्रोताओं को नयापन का अहसास कराये। कारण साफ़ है, नयापन तो तब आयेगा ना जब हम काबिल हो, अब कौवे से आप सरगम की अपेक्षा करेंगे तो बेवकूफ तो आप ही हुए ना।

भोजपुरी सिनेमा का प्रारूप कई मायनों में पिछले १० सालों में बहुत बदला है और यह अब भी लगातार बदल रहा है, दुःख है तो इस बात का कि हमारी जो बदलती सोच है वह काफी निम्न स्तर की होती जा रही है। हम अब भोजपुरी के भविष्य के बारे में सोच ही नहीं रहे हैं, बस अपने भविष्य के बारे में सोच रहे हैं। और हमारा भोजपुरी सिनेमा इस दौरान बहुत ही पीछे चला गया है। और इसके सुधार के लिए हम कुछ भी नहीं कर रहे हैं, कुछ भी नहीं। पिछले ५० साल से हम "गंगा मय्या.." जैसे पुराने फिल्मों को ही याद कर रहे हैं, क्योंकि हमारे पास आज की कोई ऐसी फिल्म ही नहीं जो इसे टक्कर दे सके। १९६२ में भोजपुरी सिनेमा में कलाकार होते थे, आज हमारे यहाँ सिर्फ सुपरस्टार होते हैं, पहले हमारे पास कथा-पटकथा होते थे, आज हमारे पास सिर्फ बेहूदा सीन्स होते हैं, पहले हमारे पास दिल को छू लेने वाले गाने होते थे, आज हमारे पास सिर्फ आयटम डांसर होती हैं। और सवाल बस यही रह जाता है, किस दिन हमारे निर्माता इसके लिए कमर कसेंगे कि बस अब बहुत हो गया, अब हम अपने आलोचकों को करारा जवाब देंगे। हम सब इसी दिन का इंतज़ार कर रहे हैं, बस ऐसा ना हो कि कहीं हमारे निर्माताओं को यह सोचने में बहुत देर ना हो जाए।

Source : EDITORIAL

 

 

bhojpuriya cinema readers 17 comments posted (Showing 1 to 10)

Hi, this is imteyaz ali, a NRI from Bihar. Presently I’m working in Ethiopia as an IT Engineer and want to produce COMMERCIAL BHOJPURI FILMS OF GOOD STANDARD ON SOCIAL SUBJECTS... Please contact me via email. My contact number is 0025193881383…

Posted by : Imteyaz Ali at 17:17:37 on 2014-01-18

Hi, this is imteyaz ali, a NRI from Bihar. Presently I’m working in Ethiopia as an IT Engineer and want to produce COMMERCIAL BHOJPURI FILMS OF GOOD STANDARD ON SOCIAL SUBJECTS... Please contact me via email. My contact number is 0025193881383…

Posted by : Imteyaz Ali at 17:17:02 on 2014-01-18

मै मनीष श्रीवास्तव कहना चाहता हू मनोज तिवारी जी आप से की भोजपुरी भाषा को आठवी अनुसूची में शामिल कराने की वजाए उसमे फैली गन्दगी को साफ़ करने पर जोर दे लक्ष्मण शाहाबादी, चित्रगुप्त जैसे रचनावो को प्राथमिकता दें तभी तभी इसका उत्थान होगा इसके बाद इसके बारे में सिचियेगा.

Posted by : MANISH SRIVASTAWA LYRIC WRITER at 12:37:53 on 2012-11-10

हमारे निर्माता निर्देशक सोचते है की दो करोड़ रुपया लगा है फिल्म में तो अश्लील सीन फिल्माकर भड़काऊ ड्रेस पहनाकर गंदे गाने बनाकर पैसा वसूला जा सकता है जो की उनका ये भ्रम है उनको फिल्म निर्माण में अधुरा ज्ञान है आज विवाह जैसी फिल्मे दिल तो पागल है जैसी फिल्मे क्या फ्लॉप होती है यश चोपड़ा , सुभाष घी जैसे लोग क्या पागल है जो इस तरह की खुबसूरत फिल्मे बनाते है

Posted by : MANISH SRIVASTAWA LYRIC WRITER at 12:29:52 on 2012-11-10

हंस की सभा में कौवे क्या शोभा देंगे अगर आपका सही जवाब है नहीं तो भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में सामिल कर लेने से इसकी क्या गरिमा बढ़ जाएगी आज जो लोग भी इसको आठवी अनुसूची में शामिल करने की बात करते है वो पहले इस भाषा की साफ सफाई करें तो अच्छा है

Posted by : MANISH SRIVASTAWA LYRIC WRITER at 11:59:59 on 2012-11-10

मैं मनीष श्रीवास्तव एक भोजपुरी फिल्म गीतकार हूँ मै पूछता हूँ उन भोजपुरी संगीतकारों से की क्या गजले कव्वालिया सिर्फ हिंदी भाषा के लिए ही बनी है हम तेरे शहर में आये है मुसाफिर की तरह , चमकते चाँद को टुटा हुआ तारा बना डाला क्या एसा गीत केवल हिंदी में ही लिखे जा सकते है क्या आप में प्रतिभा की कमी है जो फूहड़ गाने बनाते है आज मेरी नजर में जितने भी भोजपुरी के संगीतकार है एक या दो को छोड़कर वो सिर्फ संगीत के दलाल है उनको किसी भी हालत में संगीतकार कहना संगीत को कलंकित करने जैसा है ? आज विनय विहारी का कौन सा गीत है जो गुलजार की तरह है, कैफ़ी आजमी की तरह है वो सिर्फ एक अंधरा में काना राजा की त

Posted by : MANISH SRIVASTAWA LYRIC WRITER at 11:45:14 on 2012-11-10

I WANT TO KHESHAREAI LAL PLESE GIVE ME YOUR CONTECD.9525307065

Posted by : SHYAM SAATHI at 13:31:08 on 2012-10-07

के मनोज सिंह जी भोजपुरी सस्कृति को सुधारने में दूसरी भाषा के लोग ही मदद कर सकते है क्योंकि भोजपुरिया लोग पेसे के लिए फिल्म बनाते है निस्वार्थ भाव से अनाड़ी डिरेक्टर ही हिम्मत कर सकते है

Posted by : vijender dhame at 17:17:29 on 2012-04-13

बहोत खुसी लगा की भोजपुरी सिनेमा के बारेमे सोचने वाला भी कोई आगया हैं. आप लोग लगे रहिई एक दीं जरुर आएगा जब भोजपुरी सिनेमा भी साफ सूत्री होगी. जैसे जैसे सिक्छा education बढेगा लोग गन्दी फिल्मे देखना भी बंद करदेंगे. वैसे मैं नेपाल से हु और हमारे यहाँ भोजपुरी offical language भी है और यहाँ पह बोली भी जाती है. i wish all the very best to bhojpuri cinema and u too..

Posted by : mithilesh chaurasiya at 22:15:51 on 2012-04-08

Sahi Kah Rahe Ho Bhai Aaj Aaj Hai Kal Kal Tha

Posted by : Dhiraj Kumar Yadav at 10:06:35 on 2012-01-01

 

bhojpuriya cinema readersSay something

related newsYou may like these

प्रकाश झा जी, भोजपुरी फिल्म कब बनायेंगे ?अच्छे कोशिश की तारीफ़ करिए, नहीं तो कुछ ना हो पाएगा क्या अश्लीलता के जिम्मेदार हमारे दर्शक नहीं हैं ?भोजपुरी सिनेमा : तीसरे दौर के अंत की शुरुआत ? ५० सालों में अपनी राह भटक चुका है भोजपुरी सिनेमाकब दिखेगी भोजपुरी फिल्मों में देशभक्ति की भावना ?भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री : पब्लिसिटी के प्रति उदासीनताक्या हम सच में भोजपुरी फ़िल्में बना रहे हैं ?

bhojpuri film's video trailersRelated Bhojpuri Videos

Rickshaw Wala I Love You Title Promo Rickshaw Wala I Love You Trailer 2 Dhadkela Tohre Naame Karejwa Trailer Rickshaw Wala I Love You Trailer