First Look
Our New Memberspannalalmanjhianand pratap mishrameraazbabuahmedOMVEER KUMAR Not a member yet! Join Now
Bhojpuri Film Reviews
Bhojpuriya Articles
Celebrities' Interview
वाराणसी में आयोजित विश्व भोजपुरी सम्मलेन के प्रांतीय अधिवेशन में भोजपुरी भाषा को समर्पित युवा साहित्यकार मनोज भावुक को भोजपुरी साहित्य व भोजपुरी फिल्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राही मासूम रज़ा सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें सम्मान प्रदान किया उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री व कांग्रेस सांसद जगदम्बिका पाल ने।
मनोज भावुक की रचनाओं के बारे में टिप्पणी करते हुए विश्व भोजपुरी सम्मलेन की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक सिंह ने कहा, "2 जनवरी 1976 को सीवान (बिहार) में जन्मे और रेणुकूट (उत्तर प्रदेश ) में पले- बढ़े मनोज भावुक भोजपुरी के सुप्रसिद्ध युवा साहित्यकार हैं। पिछले 15 सालों से देश और देश के बाहर (अफ्रीका और यूके में) भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भावुक भोजपुरी सिनेमा, नाटक आदि के इतिहास पर किये गये अपने समग्र शोध के लिए भी पहचाने जाते हैं। अभिनय, एंकरिंग एवं पटकथा लेखन आदि विधाओं में गहरी रुचि रखने वाले मनोज दुनिया भर के भोजपुरी भाषा को समर्पित संस्थाओं के संस्थापक, सलाहकार और सदस्य हैं। तस्वीर जिंदगी के( ग़ज़ल-संग्रह) एवं चलनी में पानी ( गीत- संग्रह) मनोज की चर्चित पुस्तके हैं। ‘तस्वीर जिन्दगी के’ तो इतना लोकप्रिय हुआ कि इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया जा चुका है और इस पुस्तक को वर्ष 2006 के भारतीय भाषा परिषद सम्मान से नवाज़ा जा चुका है। एक भोजपुरी पुस्तक को पहली बार यह सम्मान दिया गया है।मनोज भाऊराव देवरस सेवा न्यास,लखनऊ द्वारा भोजपुरी भाषा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडित प्रताप नारायण मिश्र स्मृति-युवा साहित्यकार सम्मान २०१० तथा भोजपुरी नाटकों पर विशेष शोध हेतु भिखारी ठाकुर सम्मान २०११ से भी नवाजे गए हैं।
इस मौके पर मनोज भावुक ने कहा कि भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव है। साथ ही भोजपुरिया लोगों में अपनी भाषा के प्रति हीनभावना इसके सही मुकाम पाने में बाधक बनी है। लेकिन स्थितियां बदल रही हैं. लोगों के विचार बदल रहे हैं. अब लोग भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं क्योंकि यह हमारी अस्मिता का सवाल है। भावुक ने संतोष जताया कि भोजपुरी के प्रति अब लोगों का नजरिया बदला है। भोजपुरी पैशन और फैशन बन गया है। अब तो इंटरनेट में भी भोजपुरी की कई संस्थाएं उग आई हैं। लोग सुदूर पश्चिम से अपने वतन के लोगों से भोजपुरी में चैट करते हैं। यह भोजपुरी के लिए शुभ संकेत हैं। सम्मेलन में आयोजित परिचर्चा व लोकरंग (सांस्कृतिक सत्र ) का संचालन भी मनोज भावुक ने ही किया।
Source : News Agency
0 comments postedNo comment posted yet! Be the first.
Say something
You may like these
Related Bhojpuri Videos
Durga Movie Trailer
Holi Special : Malini Awasthi : Udat Abeer
Rajaji Movie Trailer
Raja Ji Title Song Promo