अगर हम सिनेमा के बुराइओं को गिनाते हैं, तो हमें उसकी अच्छाइयों की तारीफ़ भी करनी चाहिये : अशोक कुमार दीप

2010-25-12 Ashok Kumar Deep

"…पहली चीज़ तो यह कि हम अश्लीलता के नाम पर जितना हल्ला करते हैं, उतनी अश्लीलता हमारे सिनेमा इंडस्ट्री में नहीं है, चीज़े लगातार सुधर रही हैं और आगे हम बहुत अच्छे भोजपुरी फ़िल्म भी आते हुये देखेंगे। दूसरी चीज़ ये है कि अगर हम सिनेमा के बुराइओं को जितना गिनाते हैं, उतना ही हमें उसकी अच्छाइयों की तारीफ़ भी करनी चाहिये, नहीं तो हमारे आलोचनाओं का कोइ महत्व नही रह जायेगा…" , यह शब्द हैं भोजपुरी सिनेमा के जाने माने गीतकार-संगीतकार अशोक कुमार दीप के जो भोजपुरियासिनेमा॰काँम के संवाददाता से भोजपुरी सिनेमा के बारे में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

आगे बातचीत में श्री अशोक कुमार गीप ने हमें यह भी बताया कि आज भोजपुरी सिनेमा में कोइ अच्छा संगीतकार बचा ही नही है, जिसकी वजह से हमें ज्यादातर भोजपुरी फ़िल्मों में एक ही तरह के धुन सुनने को मिलते हैं। अशोक जी ने बताया, ये सही है कि गीतकारों-संगीतकारों के उपर निर्माता-निर्देशक का बहुत ज्यादा दबाव रहता है कि गानें तड़क भड़क के साथ हों पर उस दबाव में भी अपने अंदर के कलाकार को संतुष्ट करना एक कला है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी शुरु में ऐसे गाने लिखने या बनाने पड़े पर धीरे धीरे समय के साथ चीज़े बदलीं और निर्माता-निर्देशक भी उनके बात को मानने लगे। अशोक जी ने आगे ये भी कहा कि कुछ तथाकथित गीतकार-संगीतकारों के साथ तमाम एल्बम के हिट गानों को फ़िल्मों में लेने क चलन शुरु हो गया जिससे भोजपुरी फ़िल्मों के गानों की रुपरेखा ही बदल गई।

अपने सबसे प्रिय निर्माता के बारे में बताते हुये अशोक जी ने कहा कि आलोक कुमार एक ऐसे निर्माता हैं जो अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते हैं। उनके साथ काम करने से कलाकार को आत्म संतुष्टि मिलती है। अशोक जी ने यह भी कहा कि "गंगा मय्या तोहे पियरी चढ़ईबो" जैसी फ़िल्में बनाने से पहले हमें ये भी सोचना होगा कि क्या दर्शक अपने परिवार के साथ ऐसे सिनेमाघरों में जा सकेगा जहाँ ना लाईट है, ना साऊंड है और ना ही बैठने की व्यवस्था। कुछ सिनेमाघरों को छोड़ दिया जाये तो शायद ही कोइ ऐसा सिनेमाघर बचता है जिसमें इन सब चीज़ की उचित व्यवस्था हो। विकास की जरुरत हर तरफ़ से है, वो फ़िल्म हो या फ़िर सिनेमाघर।

अश्लीलता के बारे में अशोक जी ने कहा "आज आप किसी भी कैसेट की दुकान में पुछे लें, सबसे ज्यादा देवी गीत के कैसेट ही बिकते हैं। देवी गीतों की पुछ हमेशा ज्यादा रही थी और रहेगी और इन्हीं देवी गीतों की देन हैं मनोज तिवारी और अन्य प्रसिद्ध कलाकार। हाँ, कुछ ऐसे लोग हैं आज के युवा पीढ़ी में जो जल्द से जल्द मनोज तिवारी के बराबर प्रसिद्ध होना चाहते हैं और उन्हीं लोग की वजह से हमें ऐसे आपत्तिजनक गीत भी मिल रहे हैं। पर ऐसे युवाओं की प्रसिद्धि बस कुछ दिनों की ही है, आगे उन्हें कोइ पुछ्ने वाला भी नहीं आयेगा। बस बात ये है कि जब एक भीड़ बाड़ भरे इलाके में 100 लोग सूट बूट पहन के आते हैं तो कोइ नही देखता पर कोइ एक आदमी नंगा चला आये तो हर किसी की निगाह उसी पर रहती है।"

युवा वर्ग का भोजपुरी से दूर होने की बात पर अशोक जी ने कहा, "हमें भोजपुरिया होने पर शर्म नही गर्व महसूस करना चाहिये। मराठी अपने आप को मराठी, तमित अपने आप को तमिल कहने में जब शर्म महसूस नही करते तो हम क्यों शर्म महसूस करें ? आप भोजपुरिया युवा होकर यह वेबसाइट चला रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि आप को भोजपुरिया होने पर गर्व है, ऐसे ही युवाओं की हमें जरुरत है जो भोजपुरी बोलने में और लिखने में गर्व महसूस करें"।

 

 

bhojpuriya cinema readers 1 comments posted (Showing 1 to 1)

good ashok bhaiya i like it & love u,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,we r ready bhojpuriya jagat se ashlilata door karne ke liye,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ham apake saath hain

Posted by : Ashutosh Aryan Actor at 23:39:30 on 2011-06-19

 

bhojpuriya cinema readersSay something

related newsYou may like these

बिहार में औलाद की धूमखली को भोजपुरी फिल्म में मनोज तिवारी का आमंत्रण२५ नवम्बर को रिलीज होगी देसवा लॉन्च हुई "साला मैं तो साहब बन गया"‘के बनी करोड़पति’ के हॉट सीट पर धर्मेन्द्र'प्यार के बंधन ना टूटे मितवा' का म्यूजिक लॉन्च नाटा सिंह के रोल में विष्णू शंकर बेलू‘साजन चले ससुराल’ के पचास दिन पूरेरवि किशन ने किया स्पेस कम्यूनिकेशन का शुभारम्भ अचल रहे सुहाग और खून पसीना की भिडंत ३ फरवरी से

bhojpuri film's video trailersRelated Bhojpuri Videos

Rajaji Movie Trailer Raja Ji Title Song Promo Aisan Piyawa Song Promo : Achal Rahe Suhaag Teej Song Promo : Achal Rahe Suhaag