अब जनता बोलेगी ! एपिसोड १

भोजपुरी सिनेमा को आगे बढ़ने के लिए किन चीज़ों की जरुरत है ?


2012-01-24

K Manoj Singh: भोजपुरी सिनेमा के विकास के लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि हिन्दी फिल्मों की नक़ल बंद की जाए। मौलिक और मिट्टी से जुडी कहानी पर फ़िल्म बने। संगीतकार चोरी की धुन पर अपना सीना ठोकना बंद करें। गीतकार की कलम में अगर थोड़ा-सा भी दम है तो अश्लीलता का सहारा लेना बंद करें, तथाकथित स्टार लोग समझ लें कि दर्शक उनकी शक्ल देखने नहीं आते, बल्कि एक अच्छी फ़िल्म देखने आते हैं, इसलिए वे अपना पारिश्रमिक नियंत्रित करें, चमचे किस्म के निर्देशकों को साईड करें और फ़िल्म में अपनी टांग अड़ाना बंद करें। और सबसे अहम् बात, निर्देशक अगर शिक्षित और बुद्धिमान नहीं हैं, तो कम-से-कम अपनी योग्यता के प्रति खुशफहमी भी न पालें।

Ravi Kashyap: भोजपुरी फिल्म अभी ३० प्रतिशत दर्सक के मध्य नजर बनाया जा रहा है, जो सोचने वाली बात है. आज के मुताबिक मेकिंग, साफ सुथरी फिल्में होनी चाहिए. जिस से कि फैमली का रुझान बढ़े. परिवार के साथ लोग फिल्म देखने सिनेमा हॉल तक आये. सबको मिल के पहल करना होगा. दर्शक को बदनाम करने से बचना होगा. कुछ लोग दर्शकों के आड़ में गंदे गाने फिल्माते है, फिल्म के दृश्य फिल्माते हैं, जो मैं मानता हूँ कि अच्छी बात नही है.

Sudarshan Pandey: भोजपुरी फिल्मो को अपनी भाषा का दूत होना चाहिए और अपनी मिटटी की सुगंध को चारों ओर फैलाने और इस भाषा की लोकप्रियता और भोजपुरी समाज की विशेषताओं और विवशताओं को लोगों के सामने लाने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए. पहले भोजपुरी फिल्मो को अपने माथे पर से यह दाग छुडाना होगा जिसके मुताबिक भोजपुरी बोलने वाले छिछोरे होते हैं और द्वि-अर्थी डायलोग बोलने वाले होते हैं. बाज़ार में जो भोजपुरी गाने सुनाई पड़ते हैं वोह भोजपुरी समाज का कत्तई प्रतिनिधित्वा नहीं करते, पर लोगों के ज़ेहन में ऐसी ही बात बैठ गई है.

Viru Pandey: Bhojpuri cinema people should Try to do Experiments to compete wth world cinema....in terms of Good cinema wth buisness..NOT ONLY BUISNESS....

Achchhe Lal Thakur: जी सब से पहले मेरा नमस्कार, मेरे हिसाब से पहले देखने वाली बात ये है कि फिल्म किसके लिए बना रहे है और उस समाज मे किस तरह की फिल्म का डिमांड है, फिल्म ऐसी हो जो हर पर्सन देखे और उसका अच्छा असर समाज पे पड़े जिस को देख कर समाज में अच्छा मेसेज जाये और इस तरह के फिल्म बनाने के लिए उस से रिलेटेड हर एक चीज अच्छा होना जरुरी है. It's my opinion thanks alot

Anurag Bandhu: फिल्मो में कलाकारों का चयन उनके योग्यता पे हो न की उनके पोपुलारिटी पे.

Akhilesh Sharma: भोजपुरी सिनेमा में एक परिवर्तन की जरूरत है, पैसे के लिए किसी हद तक चले जाना हमारी इंडस्ट्री और संस्कृति दोनों का मिटटी पलीद कर रही है.

Nandu Saini Nirmohi: भोजपुरी सिनेमा को आगे बढ़ने के लिए अच्छी मेकिंग और अच्छी सब्जेक्ट की जरुरत है. इसके साथ ही भोजपुरी सिनेमा से अश्लीलता को हटाना चाहिए तभी इसे आगे बढ़ाना संभव है.

Shail Raja: आज जो भी फिल्म बनती है उसकी स्टोरी न हमारी भोजपुरी मिटटी की खुशबू देती है, न उसमे हमारी संस्कृति झलकती है, न रहन सहन,न हव भाव और नहीं हमारे समाज से मेल खाती hai. आज जो फिल्मे बन रही है उसमे कूट कूट के अभद्र और अश्लीलता भरी होती है. कोइ भी फिल्म देखने पर ये नहीं मालूम होता है की हमारी भोजपुरी फिल्म है क्योंकि उसमे 60% पश्चिमी सभ्यता से मेल खाती है. हम इस तरह से भोजपुरी cinema को आगे नहीं ले जा सकते. हमें जरूरत है हमारे द्वारा सुझाये गए सभी बिन्दुवो पे ध्यान देकर कहानी लिखा जाये. अगर हम सब मिलकर इस बिंदु पर काम करे तो भोजपुरी सिनेमा, समाज और शिक्षा को आगे बढाया जा सकता है.

Braj Bhushan: a--achha nirmata,b--achhi kahani,c--achhi patkatha,d--achha nirdeshak,e--achhi mixing,f--achhi publicity. यही 6-फ़ॉर्मूला लग जाये तो भोजपुरी सिनेमा आगे बढ़ सकता है.

Bashar Ahamad: इसके लिए तो पहली बात ये की फिल्म में कास्टिंग ज्यादा और सोंग की संख्या लिमिटेड होनी चाहिए जैसे ३ रोमांटिक, २ आयटम और १ सैड सोंग. और हाँ १ बात और कभी-2 मुझे भोजपुरी फिल्म में लिखे डायलोग में इतने त्रुटी मिलती है की लगता है की भोजपुरी भाषा का टांग तोडा जा रहा है. और हाँ फिल्म अगर भोजपुरी है तो हमारी भोजपुरी सभ्यता झलकनी चाहिए न की पश्चिमी (east) सभ्यता इससे आपका फिल्म तो पोपुलर हो जायगा पर इसके पीछे बदनाम कौन हो रहा है जरुर ध्यान दे. ये मेरी थिंकिंग है और शायद बहोत से बिहारियों की भी होनी चाहिए. ज्यादातर फिल्म ऐसे बनाओ जो फैमली के साथ देखा जा सके. और अगर कॉपी करना है तो ज्यादा से ज्यादा परमोशन पर धयान दे कम से कम बिहार के महानगरो में फिल्म प्रमोशन का कम जोर शोर से करे. मेरा 100% गारंटी है की भोजपुरी आगे चल कर ये बॉलीवुड to क्या हौलीवूद से ज्यादा पोपुलर होगा (इंशा अल्लाह) .

Source : EDITORIAL

 

 

bhojpuriya cinema readers 6 comments posted (Showing 1 to 6)

koi bhi film ka copy na kare apne se kosis kare ki acha film bana sake

Posted by : Rahul Gupta at 05:04:30 on 2014-06-03

bhojpuri film ke hero aj duniya bhar mai name kar rahe hai unka sport to hona chahiye jo hamari manoranjan karte hai

Posted by : lalan singh at 10:49:00 on 2013-06-19

downlode music & films

Posted by : pravesh maurya at 13:29:48 on 2012-06-16

hindi aur sauth ki film ki copy na karen jo karn apne dum pe karen jaise ek film aayi thi nadiya ke paar jo meri sabse acchi film thi jise dekhkar bollywood waoln ne copy ki aur banaya hum aapke hain kaon

Posted by : anil soni at 12:42:41 on 2012-01-25

Aap hindi film ke tarah film na banye agar banana hi hai to tamil film ki tarah banaiye kiyonki hindi to poora hindustan bolta hai lekin bhojpuri sirf up aur bihar bolta hai agar aap apni bhojpuri film ko hindi me convert karke baki sahro me chalaye.aise hum bhi actor banna chahte hai 4 saal se kosis kar raha hoon lekin kamyabi nahi mil raha hai plz give me one chance: email- rahulrajsharma53@gmail.com

Posted by : rahul raj at 06:36:33 on 2012-01-25

भोजपुरी फिल्म उद्योग को अधिक से अधिक प्रचार की आवश्यकता है ! अपने फिल्म की निर्माण शेली को और अधिक आधुनिकीकरण का रूप देना होगा ! समाज के अति सवेंदनशील विषयों पर फिल्म का निर्माण होना चाहिए

Posted by : sanjay mitwa at 12:28:42 on 2012-01-24

 

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